11 जुलाई को क्यों मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस?

हर साल 11 जुलाई को पूरे विश्व में जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है कि, दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति बढ़ती जनसंख्या (world population day 2020)की ओर अवश्य ध्यान दे और जनसंख्या को कंट्रोल करने में अपना योगदान भी अवश्य करें। इस दिन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई क्रियाकलाप किए जाते हैं। ताकि जनता जागरूक हो सकें और जनसंख्या पर कंट्रोल कर सकें. जनसंख्या वृद्धि विश्व के कई देशों के सामने बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है। खासकर विकासशील देशों में जनसंख्या विस्फोट’ गहरी चिंता का विषय है।

विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास

11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत 1989 में, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद द्वारा हुई थी। दरअसल 11 जुलाई 1987 तक वैश्विक जनसंख्या का आंकड़ा 5 अरब के भी पार हो चुका था, जिसे देखते हुए वैश्व‍िक हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिवस को मनाने और जारी रखने का निर्णय लिया गया। विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरुकता फैलाने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कि‍या जाता है, जिसमें सोशल मीडिया, विभिन्न समाजिक कार्यक्रमों व सभाओं का संचालन, प्रतियोगिताओं का आयोजन, रोड शो, नुक्कड़ नाटक अन्य कई तरीके शामिल हैं।

विश्व जनसंख्या दिवस 2020 की थीम

इस वर्ष का विषय विशेष रूप से COVID-19 महामारी के समय में दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। हाल ही में यूएनएफपीए के एक शोध में कहा गया है कि अगर लॉकडाउन 6 महीने तक जारी रहता है, और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी गड़बड़ी होती है, तो कम और मध्यम आय वाले देशों में 47 मिलियन महिलाओं को आधुनिक गर्भ निरोधक नहीं मिल पाएंगे। वहीं साल 2019 में जनसंख्या दिवस की थीम फैमिली प्लानिंग: इम्पावरिंग पीपल, डिवेलपिंग नेशन्स रखी गई थी।

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