मशहूर गायक मुकेश को उनके 44 वें पुण्यतिथि पर आज दी गई श्रद्धांजलि, कहा ऐसे विलक्षण प्रतिभा फिर नही आते

मुजफ्फरपुर । भारतीय हिन्दी सिनेमा व संगीत जगत के महान गायक व दर्द भरे नगमों के शहंशाह कहे जाने वाले स्व० मुकेश चन्द्र माथुर के 44 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज श्रद्धांजलि मुकेश का आयोजन किया गया। जो बिहार आइडियल परिवार की ओर से शहर के ही मनियारी कोठी हरिसभा चौक मुजफ्फरपुर में आयोजित हुआ।

इस अवसर पर उपस्थित गायक/कलाकार संगीतप्रेमी राजेश रंजन ओझा सुनील कुमार सुमन ठाकुर पंकज धीर राकेश पटेल सपना गीता श्री उल्फत आरा रितेश ने पुष्प व माला अर्पित कर महान गायक मुकेश ही को श्रद्धांजलि अर्पित किया और यह बताया कि मुकेश चन्द्र माथुर जैसे कलाकार विरले ही इस जग में आते है और अपनी मखमली आवाज़ से सभी वर्ग के लोगों में गीत संगीत का एक अमिट छाप छोड़ कर चले जाते है और हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं।वो आज भले ही हमारे बीच नहीं है परन्तु उनके द्वारा गाए गए बेहतरीन नगमे जिसमे की मै पल दो पल का शायर हूं,एक प्यार का नगमा है, किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,आंसू भरी है ये जीवन की राहें,आवारा हूं,जाने कहां गए वो दिन,दुनिया बनाने वाले, जीना यहां मरना यहां,इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल,डम डम डिगा डिगा,कही दूर जब दिन ढल जाए,चल अकेला चल अकेला,दोस्त दोस्त ना रहा,सजन रे झूठ मत बोलो,तौबा ये मतवाली चाल,कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे,ओ जानेवाले हो सके तो लौट के आना,महबूब मेरे,सावन का महीना,चंदन सा बदन,फूल तुम्हे भेजा है ख़त में, इत्यादि आज भी दुनिया के कोने कोने में गूंजते हैं और गूंजते रहेंगे।यह बता दें कि बिहार आइडियल के कलाकारों ने मुकेश के गीतों को भी अपनी आवाज़ में गाकर संगीतमय श्रद्धांजलि दी व उन्हें नमन किया।

रिपोर्ट – विशाल कुमार

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