एन०डी०ए और यू०पी०ए की सरकार में बिहार में नहीं हुआ विकास : नागमणि

पटना : गुरुवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार में चुनाव कराने पर आमादा है। केंद्र और नीतीश सरकार के दबाव में यू०डी०ए० का स्पष्ट मानना है कि कोरोना से बिहार की जनता जिंदगी और मौत से जूझ रही है। गाँव के लोग कोरोना के डर से निकल नहीं रहे हैं। अगर चुनाव इस परिस्थिति में कराया गया तो मुश्किल से 25 प्रतिशत वोट ही शिक्षित जनता दे पाएगी, जिससे प्रजातंत्र से आम लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा।

उत्तरी बिहार में दरभंगा मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार एवं अन्य जिलों में श्री जसवंत सिन्हा के नेतृत्व में दौरा किया हूं। भयंकर स्थिति है। सरकार राहत कुछ भी नहीं दे रही है। अतः पूर्ण एवं उत्तर बिहार की बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए फिर भी केंद्र सरकार और नीतीश सरकार चुनाव आयोग पर दबाव डालकर चुनाव कराना चाहती है, मेरा स्पष्ट आरोप है कि एन०डी०ए० प्रजातंत्र और संविधान को समाप्त करना चाहती है। चुनाव जनता के हित में होती है इस परिस्थिति में चुनाव का सवाल ही नहीं उठता है।

नीतीश सरकार हर मोर्चे पर शत-प्रतिशत फेल हो चुकी है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सब चपरासी से ज्यादा नहीं बन सकते? अस्पताल में वीआईपी का तो चिकित्सा ही नहीं हो रहा है, आम आदमी की तो बात ही नहीं है। कोरोना के अलावा दूसरे अन्य बीमारियों का सही इलाज भी नहीं हो रहा है। क्या कोरोना से मरनेवाले नर्क में जाएंगे और दूसरी बीमारियों से मरने वाले स्वर्ग में जाएंगे? नीतीश कुमार के 15 वर्षों के शासन में एक सुई का कारखाना नहीं बन पाया, नीतीश सरकार से क्या उम्मीद है?

बिहार के लाखों छात्र को मेडिकल इंजीनियर टेक्निकल पढ़ाई के लिए बिहार से बाहर जाना पड़ता है। वहां छात्रों को जलील होना पड़ता है। साथ ही करोड़ों रुपया बिहार से बाहर जा रहा है। नीतीश सरकार को कोई परवाह है क्या? मेरा साफ आरोप है कि बड़े पदाधिकारी के स्थानांतरण में पैसा लेकर काम हो रहा है। स्थानांतरण, पदस्थापन सरकार का उद्योग का रूप धारण कर लिया है। मुख्यमंत्री अपने मन से स्थानांतरण, पदस्थापन करते हैं तो मंत्रिमंडल की क्या आवश्यकता है?

नीतीश सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है । यू०पी०ए० की सरकार में भी विकास नहीं हो पायी, उसके बारे में विस्तृत रूप से कहने की आवश्यकता नहीं है। बिहार में नीतीश सरकार में सभी चीनी मिल , जूट मिल , कागज मिल तथा अन्य बड़े कारखाने बंद हो गये है , जिसके चलते करोड़ों कामगार बेरोजगार है , मरने की स्थिति है । निष्कर्ष रूप से कहना चाहता हूँ कि नीतीश सरकार सठिया गयी है।एन०डी०ए०, यू०पी०ए० से गाँव की जनता का मोह भंग हो गया है। 15 वर्षों में दोनों बिहार में कुछ काम नहीं किया है तो बिहार की जनता आगे क्यों बहुमत देगी ? इसलिए बिहार के करीब 10,15 पार्टी के प्रमुख लोगों ने बिहार में पहला विकल्प बनाने के लिए श्री जसवंत सिन्हा , पूर्व वित मंत्री , भारत सरकार और देश के भविष्य के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा यानि U.D.A बनाकर पहला विकल्प बनाने का संकल्प लिया है , जिससे खास तौर से देवेन्द्र यादव , पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह , जेपी 0 आंदोलन के सर्वेसर्वा अरूण कुमार , पूर्व सांसद पूर्णमासी राम , मुसलमानों के तेज तर्रार नेता असफाक रहमान साहब , अति पिछड़ा नेता सत्यानंद शर्मा जी एवं संजीव सिंह जी एवं जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष नौसाद खाँ एवं अन्य नेता शामिल हैं ।

U.D.A बेहतर बिहार बनाना चाहती है । शिक्षा में आमूल परिवर्तन करेगी , खासकर पदाधिकारी , मंत्री , विधायक , सांसद के बच्चे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना पड़ेगा , ताकि शिक्षा में गुणवता आयेगी । सभी जिलाओं में मेडिकल , इंजीनियरिंग , टेक्नीकल इंस्टीच्यूशन खोला जायेगा ताकि बिहार का करोड़ो रूपया बिहार में रहेगा । स्वास्थ्य के लिए आम आदमी को स्वास्थ्य की सुविधा बेहतरीन किया जायेगा।बिहार की सुगर मिल , कागज मिल , पेपर मिल को प्राथमिकता देते हुए चालू कराया जायेगा ताकि करोड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा ।किसानों द्वारा उत्पादित अन्न , फल के आधार पर छोटे – छोटे कारखाना बनाया जायेगा । मछली पालन और पॉल्ट्री फॉर्म को प्राथमिकता दिया जायेगा । किसानों द्वारा उत्पादित अन्न को सरकार उचित मूल्य पर खरीद करेगी ताकि बिचौलियों से बचा जा सके ।U.D.A एक विकसित बिहार के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट बनायी है , जिसकी घोषणा हमारे सुप्रीमो श्री जसवन्त सिन्हा करेंगे।

रिपोर्ट – श्वेता मेहता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0Shares
0