स्वराज भारत लाइव की खबर का असर तोड़ फोड़ का गम्भीरता से चलाया था खबर सदर अस्पताल की कुव्यवस्था पर सीएस से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय की रेेपोर्ट

औरंगाबाद। सदर अस्पताल की कुव्यवस्था पर डीएम सौरभ जोरवाल ने संज्ञान लिया है। डीएम ने अस्पताल की कुव्यवस्था व ड्यूटी से गायब रहने वाले छह चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। सदर अस्पताल के लाचार सीएस डॉ. अकरम अली से भी डीएम ने स्पष्टीकरण मांगते हुए 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है कि रोस्टर के अनुसार ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ आपके द्वारा क्या कार्रवाई की गई है। दरअसल 8 नवंबर की शाम में सदर अस्पताल में मरीजों के स्वजनों ने कुव्यवस्था व ड्यूटी से चिकित्सकों के गायब रहने पर हंगामा किया था।और स्वराज्य भारत ने गम्भीरता से तोड़ फोड़ का खबर पूरे ग्रूप में चलाया था ।और मरीजों के स्वजनों ने डीएम के मोबाइल पर कुव्यवस्था व चिकित्सक के नहीं रहने की शिकायत की थी। शिकायत पर डीएम ने दो दिन पहले सीएस को तलब कर बैठक की और जब कुव्यवस्था व चिकित्सक के गायब रहने की जानकारी मांगी तो सीएस ने डीएम को अपनी जवाब में लाचारी बताई थी। डीएम ने सोमवार को बताया कि सदर अस्पताल से चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब रहने के मामले में संज्ञान लेते हुए सीएस समेत गायब रहने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगी गई है। 24 घंटे के अंदर जवाब देने का निर्देश सीएस को दी गई है। स्पष्टीकरण का जवाब आने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सीएस से लिखित रुप से यह जवाब मांगा है कि ड्यूटी से गायब चिकित्सकों के खिलाफ आपके द्वारा क्या कार्रवाई की गई है। बताया गया कि डीएम ने ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार का अगले आदेश तक वेतन बंद किया गया है। 24 घंटे के अंदर सदर अस्पताल में योगदान देने का सख्त निर्देश दिया है। योगदान नहीं करने पर निजी क्लीनिक चलाने और सरकारी कार्य नहीं करने के आरोप में कोविड-19 के तहत अनुशासनिक कार्रवाई करने का डीएम ने निर्देश दिया है। डीएम ने सदर अस्पताल से ड्यूटी से गायब रहने वाले मूर्छक विशेषज्ञ डॉ. राकेश रोशन, महिला चिकित्सक डॉ. नेहा कुमारी, डा. प्रवीण कुमार भारती, डॉ. उदय कुमार, डॉ. नदीम अख्तर, नवीनगर के माली अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संविदा पर बहाल चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार से स्पष्टीकरण मांगते हुए इनका भी वेतन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। डीएम के अनुसार ड्यूटी से गायब रहने वाले उक्त चिकित्सकों को 6 नवंबर तक सदर अस्पताल में योगदान देने का सख्त निर्देश दिया गया था। निर्देश के बावजूद न योगदान दिए और न गायब रहने की कोई जानकारी दी है। डीएम ने 24 घंटे के अंदर मांगे गए जवाब में लिखा है कि योगदान नहीं करने पर कोविड-19 के तहत कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए विभाग को अनुशंसा कर दी जाएगी। उधर सीएस ने बताया कि डीएम के निर्देश पर नया रोस्टर बनाया गया है। दो तीन दिनों से सदर अस्पताल की व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ है। बताया कि चिकित्सकों की कमी से परेशानी हो रही है। चिकित्सकों का पदस्थापन के लिए विभागीय प्रधान सचिव को पत्र भेजे हैं।

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