उत्तर प्रदेश विधान परिषद् चुनाव वाराणसी स्नातक क्षेत्र से सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की जीत कायस्थों के राजनैतिक उत्थान का संकेत है- सुमीत श्रीवास्तव

पटना । उत्तर प्रदेश स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद् चुनाव के परिणाम घोषित होने के उपरांत वाराणसी स्नातक क्षेत्र से सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा के विजयी होने पर अखिल भारतीय कायस्थ महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमीत श्रीवास्तव ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चित्रांश आशुतोष सिन्हा को जीत की बधाई देते हुए कहा बड़े गौरव की बात है। अभी तक सिर्फ यही कहा जाता था कि कायस्थ समाज भाजपा का आधार वोट है और यह सही भी है सम्पूर्ण भारतवर्ष में कायस्थ समाज एकतरफा भाजपा को वोट देते है आया है। इससे इतर भाजपा ने इस आधार वोटर माने जाने वाले कायस्थ समाज की सदैव उपेक्षा की है। बिहार में जब से एनडीए सरकार बनी है तब से भाजपा ने मंत्रिमंड़ल में एक भी कायस्थ को जगह नहीं दिया है, वहीँ इससे इतर 2005 की सरकार के गठन में जनता दल (यु) के कोटे से एक कायस्थ प्रतिनिधि क रूप में स्व. सुधा श्रीवास्तव को मंत्री बनाया था। इसके बाद भी कायस्थ समाज भाजपा के साथ मुस्तैदी से रहा पर परिणाम फिर एक बार वही निकल कर आया भाजपा ने 2020 के नए मंत्रिमंडल के गठन में भी किसी कायस्थ चेहरे को जगह नहीं दी। इतना हीं नहीं बिहार तो छोड़िये भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार में किसी कायस्थ को मंत्री मंडल में शामिल नहीं करने का काम किया। ऐसे समय में समाजवादी पार्टी से चित्रांश आशुतोष सिन्हा का चुनाव जितना कायस्थों के लिए एक शुभ संकेत है।

सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की जीत कायस्थों के राजनैतिक उत्थान का संकेत है, इस जीत के बाद यह समझ में आता है की विभिन्न कायस्थ संगठनों द्वारा किये जा रहे प्रयास के उपरांत समाज में जाग्रति आई है और वह कायस्थवाद की ओर अग्रसर हो रहा है। आने-वाले समय में अगर कायस्थ समाज इसी तरह से जागृत होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेगा और अपनी आवाज को और बुलंद करेगा तो परिणाम और सकारात्मक होने वाल हैं। हम सभी कायस्थ संगठन एकजुटता के साथ समाज अपने दयित्व का निर्वाहन करते हुए सत्ता में समाज की सम्मानजनक भागीदारी को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।

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