युवाओं को कुछ देने की चाहत दिल में जगी है, लगता है अब मंजिल दूर नहीं

पटना। युवा किसी भी देश की तकदीर लिखते हैं। युवा शरीर के साथ काम को लेकर ऊर्जावान रहेंगे तभी देश के विकास कर पाएंगे। यह कहना है युवा उद्यमी और किंग्स एंपायर के सीईओ एवं फाउंडर अब्बू तोराब को जिन्होंने इस कोरोना संकट में भी युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की ठानी है। तोराब ने स्वराज भारत लाइव के साथ बात करते हुए कहा कि अगर दृढ़ इच्छा शक्ति और कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो कोई भी बाधा लक्ष्य प्राप्त करने से नही रोक सकती। मैं इसी विश्वास के साथ इस संकट के समय में अपना उद्यम शुरू किया हूं। मेरा मानना है कि अच्छे समय में सब साथ देते हैं लेकिन जो बुरे वक्त में साथ दे वही सच्चा दोस्त। मैं इस बुरे वक्त में बिहारी युवाओं का सच्चा साथी बनना चाहता हूं।

बिहार में बढ़ती बेरोजगारी अभिशाप


तोराब कहते हैं कि बिहारी जैसे पीछड़े राज्या में कोरोना महामारी के साथ तेजी से बढ़ती बेरोजगारी एक अभिशात के तरह है। इससे आने वाले समय में स्थिति और भयावह होगी। मैं बिहार में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए अपनी कंपनी किंग अंपायर एविएशन एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की शाखा पटना में खोलने का विचार किया है जिससे कि बिहार के नौजवानों को अपने जीवन को उभारने का अवसर मिल सके। यह कंपनी कंप्लीट आउटसोर्सिंग पर कार्य करती है जिसमें एयरलाइन इंडस्ट्री प्राइवेट सेक्टर हॉस्पिटल एंड रेलवे हॉस्पिटैलिटी जैसी महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिसमें बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराया जाता है। अभी हाल में ही राइट वे फाउंडेशन के तरफ से पूरे बिहार में हेल्थ सर्वे का काम भी किंग्स अंपायर को मिला है। आगे भी हमारे पास कई तरह के बड़े प्रोजेक्ट आने वाले हैं जिसमें हम हजारों युवाओं को रोजगार मुहैया कराएंगे। बिहार जैसे राज्य में उद्यम शुरू करने पर सफलता की गारंटी और डर को लेकर जब स्वराज भारत लाइव ने सवाल किया तो तोराब ने कहा कि जब खुद पर भरोसा हो तो डर नहीं करनी चाहिए। हो सकता है कि थोड़े समय के लिए मुझे समस्या से सामना करना पड़े लेकिन लक्ष्य तय है तो सफलता कदम चुमेगी। मैं अपनी सफलता के लिए आश्वत हूं और इसे मैं पा कर रहूंगा।

दूसरे के काम में रोमांच नहीं

जब मैं दूसरे संगठनों के लिए काम कर रहा था तो तो मैं खुश नहीं था। निश्चित रूप से नौकरी करने में आपको अपना पैसा समय पर मिलता है और एक फंक्शनल लाइफ मिलती है, लेकिन इसमें कोई रोमांच नहीं होता है। मुझे हमेशा से पता था कि मेरी जगह कहीं और है जैसे ‘फाउंडर / ओनर’। इसलिए मैंने अपना काम करने का सोचा और आज इसकी नींव रख दी है। अब मैं इसको बड़ा करने के लिए अपना पूरा समय ईमानदारी से दूंगा। ऊपर वाला ने चाहा तो बहुत जल्द आप मेरी कंपनी को बिहारी की शीर्ष दस कंपनी में शामिल पाएंगे।

घबराएं नहीं, बस 100 फीसदी काम करें

किंग्स एंपायर के सीईओ एवं फाउंडर अब्बू तोराब का कहना है जो भी कंपनी खोलने की सोच रहे हैं, वो असफलता से घबराएं नहीं। बहुत से लोग मिलेंगे जो आप की सोच पर हंसेंगे। परंतु जब आप सफल होंगे, तो वो आप पर नाज करेंगे। हां, सफलता के लिए बस आप अपना 100 फीसदी दें। कोई भी काम कर गुजरने के लिए बस इतना सोचना ही काफी है कि “मुझे यह काम करना अच्छा लगता है” ऐसा मानना है तोराब का।

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