सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क एवं सचिव स्वास्थ्य ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी

पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क श्री अनुपम कुमार एवं सचिव स्वास्थ्य श्री लोकेश कुमार सिंह ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी।

सचिव, सूचना एवं जन-संपर्क श्री अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को लेकर लगातार उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री के स्तर से प्रतिदिन सभी विषयों की समीक्षा के क्रम में सभी आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। लॉकडाउन के संबंध में यह निर्णय लिया गया है कि गृह मंत्रालय द्वारा जो भी गाइडलाइन्स निर्गत की गयी है, उसे यथावत लागू किया जाएगा। सचिव सूचना ने बताया कि बिहार में 15 जून तक ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स को फंक्शनल रखने का 

निर्णय लिया गया है। इसका कारण यह है कि अधिकांश इच्छुक लोग बिहार आ चुके हैं और बहुत कम लोग शेष बचे हुए हैं, वे भी अगले एक से दो दिन के अंदर वापस आ जायेंगे। बाहर से आने वाले लोगों को दो सप्ताह के लिए ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में आवासित कराया 

जाता है। यह अवधि 15 जून तक पूरी हो जायेगी। 15 जून के बाद ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था समाप्त कर दी जायेगी। सूचना सचिव ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर जो डोर टू डोर स्क्रीनिंग हो रही है, उसमें

गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को चिन्हित कर उनका विशेष रूप से ध्यान रखा जाय। लॉकडाउन में काफी हद तक ढील दी जा चुकी है और अब ंबजपअपजपमे बढ़ेगी इसलिए सरकार ने बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए 

सभी पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जायेगा। साथ ही अन्य प्रचार माध्यमों यथा होर्डिंग्स, रेडियो, टेलीविजन के जरिये सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि इस बीमारी से बचाव के लिए जो भी उपाय हैं, लोग उनका अनुपालन करें।

सचिव सूचना एवं जन-संपर्क ने बताया कि अब आपदा राहत केन्द्रों की संख्या कम हो रही हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अपने गंतव्य तक पहुँच चुके हैं। बिहार के विभिन्न शहरों में ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक एवं अन्य जरूरतमंद लोगों के भोजन, आवासन एवं उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए वर्तमान में 64 आपदा राहत केंद्र फंक्शनल हैं, जिससे लगभग 11,500 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की संख्या अभी12,291 हैं। इनमेंअभी तक कुल 13 लाख 71 हजार 266 लोग आवासित हो चुके हैं। इनमंे से 7 लाख 94 हजार 474 लोग क्वारंटाइन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं। वर्तमान में 5 लाख 76 हजार 792 लोग ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में आवासित हैं। मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत अब तक बिहार के बाहर फॅसे 20 लाख 44 हजार 531 लोगों के खाते में 1,000 रूपये की राशि अंतरित कर दी गयी है। अभी तक 1 

करोड़ 41 लाख राशन कार्डधारियों के खाते में 1,000 रूपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका द्वारा और शहरी क्षेत्रों में एन0यू0एल0एम0 के द्वारा राशन कार्ड विहीन परिवारों का सर्वे कराया गया था जिसके आधार पर 21 लाख सुयोग्य परिवारों को भी 

1,000 रूपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी गयी है। रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और सभी संबंधित विभाग निरंतर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लॉकडाउन पीरियड में अभी तक लगभग 4 लाख 36 हजार से अधिक संचालित योजनाओं के अंतर्गत 4 

करोड़ 17 लाख से ज्यादा मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए जो ट्रेनें शिड्यूल्ड की गयी थीं, उनमें से अधिकांश ट्रेनें बिहार आ चुकी हैं। आज की तिथि तक कुल 1,433 ट्रेनों के माध्यम से 19 लाख 47 हजार 127 लोग बिहार आ 

चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि अब तक कुल 75,737 सैंपल्स की जांच की जा चुकी है और अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 3,692 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 181 पॉजिटिव मामले सामने आये हैं। 24 घंटे में 209 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं इस प्रकार अब तक 1,520 लोग स्वस्थ हुए हैं। अब तक कुल 23 लोगों की मौत हुई है जो कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। इस प्रकार बिहार के 38 जिलों में 2,149 एक्टिव मामले हैं। 3 मई के बाद 2,569 प्रवासी व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। इसमें महाराष्ट्र के 648, दिल्ली के 559, गुजरात के 377, हरियाणा के 220, उत्तर प्रदेश के 134, राजस्थान के 125 सहित अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि जांच की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है और एक से दो दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। क्वारंटाइन सेंटर्स में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं, उनकी जांच अनिवार्य रुप से की जा रही है। इसके अलावा रैंडम जांच भी की जा रही है। बुजुर्ग, महिला, बच्चे और पहले से बीमार लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। गांवों में पल्स पोलियो की तर्ज पर सर्वे किया जा रहा है और बाहर से आने वाले लोगों का डाटा सर्वे टीम को दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी उन्हीं घरों के सर्वे किये जा रहे हैं जहां पर कोई भी राज्य के बाहर से हाल के दिनों में आये हैं। पॉजिटिव व्यक्ति का कांटैक्ट ट्रेसिंग, हाईरिस्क कंटैक्ट, लो रिस्क कंटैक्ट के जो मानक बने हुए हैं, उनके आलोक में भी जांच हो रही है। आई0सी0एम0आर0 की गाइडलाइन के अलावा भी हमलोग कोरोना मरीजों की पहचान, आइसोलेट और चेन को ब्रेक करने को लेकर जांच कर रहे हैं। क्वारंटाइन सेंटर से किसी भी सिम्टम्स वाले व्यक्ति को बिना जांच 

किए किसी को भी रिलीज नहीं किया जाएगा।ए0डी0जी0 पुलिस मुख्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है। अब तक कुल 2,256 एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी हैं और 2,432 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 84,649 वाहन जब्त किये गये हैं। अब तक इससे कुल 

20 करोड़ 23 लाख 61 हजार 272 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। पिछले 24 घंटे में अवरोध पैदा करने के कारण 06 एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी हैं और 18 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 756 वाहन जब्त किये गये हैं और 23 लाख 17 हजार 600 

रूपये जुर्माने के रूप में वसूल किये गये हैं। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और लॉकडाउन का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं। ’’

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