बिहार में प्लुरल्स इतिहास बनाने के मोड़ पर खड़ा : पुष्पम प्रिया चौधरी

  • सकारात्मक राजनीतिक आंदोलन में हों शामिल

पटना : बिहार की नई उभरती राजनीतिक पार्टी प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी लॉकडाउन से पहले अपने जन जागरण अभियान में लोगों से संपर्क कर रहीं थी. इस सिलसिले में उन्होंने कहा कि “आपातकाल रहे, लॉकडाउन रहे, जो हो, जनता का मन अगर टूट गया और किसी से अगर मन जुड़ गया, तो फिर तो ‘जनता आती है….’ और सिंहासन ख़ाली करने का समय!” वह संकेतों में कहती हैं कि प्लुरल्स का सदस्यता अभियान जोरों पर है और सदस्य और संगठन ही किसी राजनीतिक पार्टी का मेरुदंड होता है.

प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी ने ऑनलाइन सदस्यता अभियान का लिंक शेयर करते हुए कहा कि “यह महज़ एक लिंक नहीं है, युवा भविष्य और बिहार को बदलने की कुंजी है. प्लुरल्स एक जन-आंदोलन है, एक क्रांति है जो जाति-धर्म की तिलिस्मी राजनीति में यक़ीन नहीं करता. एक साफ़-सुथरी ज़िंदगी, अच्छा सा रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य का ध्यान रखने के लिए एक अच्छी सी सरकार, विश्व-स्तरीय जीवन-शैली और बिहार में रहने का, बिहार से होने का गर्व! लाखों लोग इस आंदोलन से जुड़े हैं और हज़ारों वॉलंटियर और कार्यकर्ता. यदि नए दशक में नए बिहार के सपने में आपका यक़ीन है तो प्लुरल्स से जुड़िए, बिहार बदलिए! सामने एक बेहतरीन संसार है, उसमें आप भी अपनी मौजूदगी दर्ज कीजिए”.

पुष्पम प्रिया चौधरी ने वॉलंटियर से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि “हज़ारों युवा साथ हैं, उन्हें राजनीति से नफ़रत है लेकिन बिहार से प्यार है. मेरे साथ काम करने के लिए, अपनी, अच्छे लोगों की, सरकार बनाने के लिए वॉलंटियर बनिए. चार महीने, और फिर नये दशक में नया बिहार! चार महीने काम करने का आज आपका निर्णय नये दशक में नये बिहार की ऐतिहासिक सीढ़ी बनेगा. मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लुरल्स के दुस्साहसी अभियान का हिस्सा बनें और इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाएँ!”


उन्होंने आगे क्रिकेट की भाषा में अपनी रणनीति बताते हुए कहा कि “फ़ील्ड वर्कर्स के लिए: 72,000 ओवर हैं; 8,00,00,000 बॉल हैं; सभी 243 सीट का मैच जीतने को मात्र 1,50,00,000 रन चाहिए. पूरे ओवर खेल जाना है, नकारत्मकता के बाउन्सर को डक करना है, मनमुटाव के यॉर्कर को डग आउट करना है, जाति-धर्म की रिवर्स स्वीप नहीं खेलनी है, व्यक्तिगत हमलों का एक्रॉस द लाईन नहीं, स्ट्रेट बैट से सिर्फ़ मुद्दों के टेक्स्ट-बुक शॉट, पॉज़िटिव पॉलिटिक्स खेलने हैं. अभी विराट कोहली की तरह सोने जैसे लोगों को, लड़के-लड़कियों को जोड़ने का सिंगल लेते जाइए, स्ट्राइक रोटेट कीजिए, इलेक्शन नोटिफ़िकेशन के बाद पावर प्ले में गेम को महेन्द्र सिंह धोनी की स्टाइल में फ़िनिश करेंगे. प्रिडिक्टबल गेम नहीं, सरप्राइज़ शॉक, बिहार का लगान वसूलने का समय”. 

जिला और प्रखंड स्तर पर अपनी रणनीति पर बात करते हुए कहा कि “ज़िला-ब्लॉक प्रभारियों की नियुक्ति, प्रत्येक बूथ पर 8 युवा कार्यकर्ताओं का ‘आठ पहर’ दल और हर गाँव-शहर तक सदस्यता अभियान, प्रचार-प्रसार. प्लुरल्स का अभियान अब हर जगह है, हर तरह से है, वर्चूअल-रियल दोनों. बिहार का भविष्य सामने है, जाति-धर्म के पुरातन गड्ढों में नहीं, वैश्विक अवसरों के खुले आकाश में. लोग औज़ार नहीं, स्वयं में लक्ष्य बनेंगे. हर एक जीवन श्रेष्ठ बनाने का समय! चलिए, अब आगे बढ़ते हैं”

प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट अपने शायराना अंदाज में लिखती हैं –
“वो मुतमइन हैं कि पत्थर पिघल नहीं सकता,
मैं बेक़रार हूँ आवाज़ में असर के लिये” 
बिहार के लिए इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है.

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