पटना में जल जमाव की स्थिति पर नगर निगम के पूर्व नगर आयुक्त ने दी सफाई।आरोपों को कहा बेबुनियाद।

पटना । “2019 में जब पटना जलजमाव की स्थिति थी उस समय मैं पटना नगर निगम में आयुक्त के पद पर नहीं था और सरकार ने जो आरोप लगाए हैं वह अतार्किक,भ्रामक और बेबुनियाद हैं।मेरी प्रतिनियुक्ति 23 अगस्त 2019 को खत्म हो गई थी और पटना में जलजमाव की स्थिति सितंबर के अंतिम सप्ताह आई।जब मैं पद पर था ही नहीं तो मैं किस प्रकार इसके लिए जिम्मेदार हूँ।जब अगले पांच-सात दिनों में पानी निकाला गया तो नाला सफाई कार्य में पर्यवेक्षण का अभाव कैसे माना जा सकता है”।

पटना नगर निगम के पूर्व नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने आज पटना में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए ये बाते कही।उन्होंने कहा कि मुझ पर संवादहीनता का आरोप लगाया जाता रहा है परंतु ये आरोप सही नहीं है। मंत्री जी के मौखिक आदेश को न मानना किस तरह की संवादहीनता की श्रेणी में आता है यह मेरे समझ से परे है।

पटना शहर में जल-जमाव के लिए उच्चस्तरीय जाँच समिति की गठित की गई थी।जिसमें सरकार ने आरोप लगाया है कि अनुपम सुमन और विभिन्न साझेदारों के बीच संवादहीनता की स्थिति थी।नाला सफाई कार्य में पर्यवेक्षण का अभाव था,पटना नगर निगम क्षेत्र में जल निकासी का मूल दायित्व पटना नगर निगम का होते हुए भी जल निकासी के लिए उन्होंने बुडको से समुचित समन्वय स्थापित नहीं किया और उनके द्वारा मानसून पूर्व अग्रिम तैयारी नहीं की गई थी।


अनुपम कुमार सुमन भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी थे जो प्रतिनियुक्ति पर बिहार आए थे।इन्होंने पूर्व विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के तौर पर भी सेवा दी है।

रिपोर्ट – विक्रांत कुमार

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