14 दिसम्बर को किसान विरोधी कृषि बिल के खिलाफ राज्यभर के प्रखण्ड मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना देगी जविपा : अनिल कुमार

कोरोना काल पास कृषि बिल को वापस ले सरकार

पटना । केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कोरोना काल में पारित कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए आज जनतांत्रिक विकास पार्टी ने आगामी 14 दिसंबर 2020 को बिहार के सभी प्रखण्ड मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना देने का निर्णय लिया है। इस दौरान जविपा सुप्रीमो अनिल कुमार ने कहा कि यह निर्णय पार्टी ने देश में मोदी सरकार के कृषि कानून के विरोध में चल रहे व्यापक किसान आंदोलन के समर्थन में लिया है। उन्होंने कहा कि जविपा इस बिल को किसान विरोधी मानती है और मांग करती है कि सरकार यह बिल वापस ले ।

अनिल कुमार ने कहा कि किसानों के विरोध के बाद सरकार के मंत्री और खुद प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह कानून किसान विरोधी नहीं है। MSP हटाना किसान विरोधी नहीं है। तो किसान आखिर अपने खेत को छोड़ कर विरोध क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले ही नीतीश कुमार की सरकार इसे को हटा चुके हैं। इसका खामियाजा बिहार के किसान भुगत रहे हैं। तभी निर्धारित 1868 रुपए का धान 1100 में बेचने को विवश हैं। क्या धान के मूल्य का निर्धारण सरकार के चुनिंदा लोगों के लिये किया गया है? बगल के राज्यों में धान की खरीद पर किसान को बोनस भी मिलाता है, लेकिन बिहार के किसान इससे वंचित क्यों है? इसका जवाब मुख्यमंत्री जी को देना चाहिए। वे बताएं कि किसान अपना धान कहाँ बेचें? क्या वे धान लेकर एक अणे मार्ग जाएं? आखिर सरकार को किसानों की चिंता क्यों नहीं है?

अनिल कुमार ने बिहार सरकार को आगाह करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द से जल्द प्रदेश के सभी प्रखंडों में धान का क्रय केंद्र 14 तारीख तक स्थापित करने का काम करें, वरना 14 दिसम्बर के धरने कुछ दिन बाद हम किसानों के धान के साथ एक अणे मार्ग की ओर जाने को विवश होंगे। हम और हमारी पार्टी किसानों के सवाल पर प्रखर होकर सबसे पहले आवाज उठा रही है। हम अपने अन्नदाता पर जुर्म बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रिपोर्ट – स्वेता मेहता

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