मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार):-हजरत अब्बास की शहादत को किया याद,आंखें हुई नम, मनाई गई चालीसवाँ

मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर के कमरा मोहल्ला स्थित हज्जु नवाब के इमामबाड़े में कदीमी मजलिस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौलाना वकार अहमद रिजव ने कहा कि हक और बातिल की लड़ाई वर्षों से चली आ रही है। लेकिन करबला के ही जंग में हक और बातिल व जालिम और मजलूम में फर्क को दुनिया को बता दिया।एक तरफ तीन दिनों के भूखे प्यासे तो दूसरी तरफ जालिम की फौज कहा कि जालिम हमेशा मजलूम को दबाने की कोशिश करता है। हर दौर में हक को परेशान करने की कोशिश करता है लेकिन वो बहुत दिनों तक हक को परेशान नहीं कर सकता है और अंत में मौलाना ने अलमदारे करबला हजरत अब्बास की शहादत को बयां की। इससे लोगों की आंखे नम हो गई।

अलम की कदीमी मजलिस को देखने काफी संख्या में लोग पहुंचे हजरत इमाम हुसैन और उनके ही 72 साथियों की शहादत पर हसन चक बंगरा में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।इसमें मौलाना अली इमाम ने मजलिस को खिताब फरमाते हुए कहा कि हमें इमाम हुसैन की शहादत यह सीख देती है कि आसपास के लोगों से हम भेदभाव नहीं करें।पड़ोस के गरीबों को भूखा न सोने दें और मजलिस में मुल्क की खुशहाली, तरक्की और कोरोना महामारी दूर होने की दुआ मांगी गई।

रिपोर्ट – विशाल कुमार

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