Kaimur : पटना के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने किया न्यायिक आवास भवन का उद्घाटन

कैमूर से विवेक कुमार सिन्हा की रिपोर्ट

पटना के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल पहुंचे कैमूर व्यवहार न्यायालय सिविल कोर्ट में बने न्यायाधीशों के 24 नए न्यायिक आवास भवन व मोहनिया अनुमंडलीय न्यायालय कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश ने किया उद्घाटन

कैमूर-(भभुआ):- मोहनिया अनुमंडल के लोगों को केस के सिलसिले में भभुआ कोर्ट के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे पटना के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने भभुआ व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्यायाधीशों के लिए बने 24 न्यायिक आवास भवन का किया उद्घाटन इस दौरान उन्होंने मोहनिया अनुमंडलीय न्यायालय कोर्ट का भी उद्घाटन किया मुख्य न्यायाधीश के साथ कई जज और जिले के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

अनुमंडलीय न्यायालय कोर्ट के शुरू होने से मोहनिया अनुमंडल के लोगों को बड़ी राहत मिली है अब लोगों को लगभग 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर न्याय की आस में भभुआ कोर्ट का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा ।

आज दिन शनिवार को कैमूर पहुंचे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने कहा कि बिहार की न्यायपालिका न्याय प्रदान करने की व्यवस्था में पूरे भारत में सर्वोत्तम है।

उन्होंने यह मील का पत्थर स्थापित करने के लिए न्याय निर्णय प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों का खासकर अधिवक्ताओं को उनके सम्मिलित प्रयत्नों के लिए धन्यवाद दिया।
मुख्य न्यायाधीश कैमूर जिले के मोहनिया में नवस्थापित अनुमंडलीय न्यायालय एवं भभुआ में न्यायिक पदाधिकारियों के लिए नवनिर्मित 24 आवासों का शनिवार के दिन मां मुंडेश्वरी के दरबार में माथा टेक पहुंच कर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि न्याय का अर्थ मात्र मुकदमों का निर्णय करना नहीं बल्कि किसी के आंखों से आंसू पूछना है व्यक्ति को न्याय के प्रति आश्वस्त करना हमारा धर्म है यह संभव करते हैं कि भारत एक बार फिर सोने की चिड़िया बनेगा। उन्होंने जजों का आह्वान करते हुए कहा कि हम एक प्रतिपल अपने को स्मरण करना है कि हम सेवक के रूप में यहां बैठे हैं और हमारा काम सारे शारीरिक मानसिक और भावनात्मक बाधाओं को दरकिनार कर सेवा करना है उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर समाज की आंखें लगी रहती है हम समाज के प्रति जिम्मेदार हैं हमारा प्रत्येक कार्य वचन एवं व्यवहार लोगों में न्याय प्रक्रिया के प्रति विश्वास दृढ करने वाला होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अधिवक्ता गण न्याय प्रणाली के प्रहरी हैं उन्हें सामने आकर समस्याओं को लेकर मुख्य न्यायाधीश तक मजबूती से आवाज को उठाना है समाधान के लिए मुकम्मल व्यवस्था बना दी गई है उन्होंने कहा कि अत्यंत हर्ष की बात है कि न्यायपालिका में महिला न्यायाधीशों की संख्या 25 से 35% हो गई है अच्छी संख्या में महिला अधिवक्ता बन रही है महिला अधिवक्ताओं से अनुरोध है कि न्यायपालिका को कैरियर के रूप में चुने। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोरोना काल में हम सभी ने अपने को डिजिटली शिक्षित किया और महामारी के बावजूद डिजिटल माध्यम अपनाकर न्याय प्रक्रिया को जारी रखा अपनी जान पर खेलकर न्याय प्रक्रिया जारी रखने में अमूल योगदान के लिए उन्होंने अधिवक्ता लिपि को एवं न्यायालय कर्मियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कैमूर जजशिप में 50,हजार से अधिक मुकदमा के लंबित होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने जिला जज से डेली मॉनिटरिंग कर उन्हें शीघ्र निस्तारण करने की अपील की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मोहनिया में अनुमंडलीय न्यायालय के शुरू हो जाने से पांच प्रखंडों की एक बड़ी आबादी के लिए न्याय और सुलभ हो जाएगा अंत में उन्होंने न्याय को उन लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने की अपील की जो न्यायालय पहुंच कर न्याय मांगने में असमर्थ हैं इसके लिए उन्होंने लीगल सर्विस अथॉरिटी उसके स्वयंसेवको एवं अधिवक्ता गण का आह्वान किया।

हाई कोर्ट जज अश्विनी कुमार सिंह ने ईमानदारी निष्पक्षता स्वतंत्रता एवं योग्यता को न्यायाधीशों के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इन के आधार पर ही सही न्याय संभव है अधिवक्ताओं में इन गुणों का होना जरूरी है।

निरीक्षी न्यायाधीश संजय कुमार ने कहा कि न्याय प्रदान करने के लिए सुगठित मूल्य संरचनाओं का होना जरूरी है उन्होंने जिला पदाधिकारी से यथाशीघ्र निर्माणाधीन सिविल कोर्ट भवन को पूरा करने तथा अधिवक्ता गण के लिए भी जरूरी संरचनाओं के निर्माण का अनुरोध किया

जस्टिस डॉ अंशुमान ने कहा कि न्यायाधीश और अधिवक्ता न्याय की नाव के खेवईया हैं उनके बीच सम्यक समन्वय यह न्याय निर्णय प्रक्रिया का मूल आधार है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश संपूर्णानंद तिवारी में मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों को हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया एवं उन्हें पुष्पगुच्छ एवं समृत चिन्ह बुक शाल देकर स्वागत एवं सम्मानित किया उन्होंने अतिथियों को कैमूर में न्यायपालिका के इतिहास और वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए उनके आगमन के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रविंद्र नाथ चौबे और महासचिव श्यामानंद उपाध्याय ने अंग वस्त्र एवं मानपत्र से अतिथियों का अभिनंदन किया मुख्य न्यायाधीश ने मोहनिया के अनुमंडलीय न्यायालय एवं भभुआ में न्यायिक पदाधिकारियों के लिए नवनिर्मित 24 आवासों का उद्घाटन किया प्रिंसिपल जज राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
व्यवस्था कायम रखने के लिए जिला पदाधिकारी कैमूर नवदीप शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में अधिकारीगण एवं सुरक्षा कर्मी तैनात रहे इस मौके पर विधी सचिव आर पी मिश्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता तिवारी राजेश कुमार शुक्ल अंजनी कुमार श्रीवास्तव आशुतोष कुमार उपाध्याय राजेश कुमार वर्मा सुनील कुमार चौबे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मधुकर सिंह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रश्मि प्रसाद सब जज सुनील दत्त संदीप कुमार शहरयार मोहम्मद अफजल सुनील कुमार सिंह कुमारी ज्योत्सना मनोज कुमार एसडीजेएम सुशील कुमार श्रीवास्तव मुंसिफ अमृता सिंह न्यायिक दंडाधिकारी सचिन कुमार मिश्र प्रतीक आनंद द्विवेदी सुभाष कुमार मनीष मिश्र आरती उपाध्याय अंकिता त्रिपाठी वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह पहलाद सिंह कामेश्वर तिवारी दिलीप सिंह शिव प्रकाश राय सहित अधिवक्ता गण न्यायालय कर्मी एवं गणमान्य लोग इस मौके पर उपस्थित थे.

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