प्लुरल्स प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी के ट्वीट के बाद जागी सरकार : गांधी सेतु के उद्घाटन को अब तैयार

पटना । ऐसा लगने लगा है कि बिहार में उभर रही नई राजनीतिक पार्टी प्लुरल्स को सरकार अब गंभीरता से लेने लगी है. प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी ने 24 जुलाई 2020 को रात्रि 8 बजकर 18 मिनट पर इस मुद्दे पर एक ट्वीट करके सरकार पर हमला किया था कि गांधी सेतु का पश्चिमी लेन बनकर तैयार है फिर भी सरकार इसको यातायात के लिए उपलब्ध नहीं करा रही है.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि “इस देश में, विशेषकर बिहार में महान अशोक की तरह शिलालेख खुदवा लेने की नक़ली नेताओं में ग़ज़ब की चाहत है. उन्होंने तो सिद्ध किया कि वे ‘देवों के प्रिय’ थे, और ये स्वयंभू ‘माननीय’ हैं! यदि भगवान, कॉंट्रैक्टर, अफ़सर, प्रतिनिधि इत्यादि की कृपा से निर्बाध काम चले तब प्रक्रिया यों है: शिलान्यास, कार्यारंभ, आधे भाग का उद्घाटन, पूरी परियोजना का लोकार्पण और हर चरण में अख़बार में श्रद्धानुसार आधे-पूरे पेज का विज्ञापन! और यदि चुनाव का मौसम नज़दीक आ जाय तो फ़ंड और क्रेडिट के आपातकाल में ‘युद्ध-स्तर पर कार्य’ और यदि काम पूरा हो जाय तो चुनाव नोटिफ़िकेशन के दस दिन पहले तक शिलालेख न खुदवाने का असीम सब्र! इसका सबसे ताज़ा उदाहरण 20-30 साल से मरम्मती की आस वाले बिहार की लाइफ़लाइन महात्मा गांधी सेतु के महीनों से तैयार फ़्लैंक (हिस्सा) का चालू न होना है. बिना शिलालेख के कैसे चालू कर दें? पब्लिक का क्या है, उसको काम तो हमने दिया नहीं है तो वक्त ही वक्त है! रह लेगी चार-छह महीने और दो-चार घंटे के जाम में! नक़ली शिलालेखों की पूरी व्यवस्था और उद्घाटन-लोकार्पण के पूरे ड्रामे के बंद होने का समय है ताकि अविश्वास के सेतु पर विकास के चक्का जाम से छुटकारा मिले”.


ऐसी सूचना मिल रही है कि गांधी सेतु पुल के पश्चिमी लेन को यातायात हेतु 31 जुलाई को खोला जाएगा. सनद रहे कि इसकी कवायद कई महीनों से चल रही है पर उद्घाटन किसी अदृश्य कारणों से टाला जा रहा था. मुंबई की एजेंसी एफकॉस द्वारा 1383 करोड़ की सहायता से 2017 में मरम्मत कार्य शुरू की गई इस योजना को पहले जून 2019 फिर दिसंबर 2019 तय की गई थी. गंगा नदी में पानी आने के कारण मार्च 2020 का लक्ष्य रखा गया था. पथ निर्माण विभाग मंत्री ने 15 जून से चालू करने की घोषणा की थी.
उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन से यातायात शुरू करने की घोषणा बहुत बडी राहत है. अब देखना है कि यह घोषणा भी अन्य घोषणाओं की तरह साबित होती है या सचमुच की घोषणा साबित होती है.

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