स्तन कैंसर के सामने भारतीय औरतें

यह तस्वीर कितनी खूबसूरत औरतों की है। लेकिन अफसोस के इनके स्तन काट दिए गए हैं। उनकी यह तस्वीर फ़िलहाल बेबाकी और बहादुरी पेश कर रही है। लेकिन इस तस्वीर के पीछे वह एक संदेश देना चाहती है कि उन्होंने अपने अतीत में कुछ ग़लतियां की थी‌। उन्होंने अपने स्तन में होने वाली ज़रा सी तकलीफ को अनदेखा किया था। बाद इसके इन्होंने एक लंबी लड़ाई लड़ी है। वह जीत गई। और दुनिया की बाकी औरतों को एक संदेश दे रही है कि अपने अंगों की तकलीफों के बारे में शर्मिंदा मत रहो। वह कह रही है कि आज की औरत पढ़-लिखकर आगे तो बढ़ चली है लेकिन शर्म का दुपट्टा उसने अबतक नहीं उतारा।

एक औरत हमेंशा अपने परिवार को आगे रखती है और वह खुद सबसे पीछे रहना पसंद करती है। हालांकि किसी भी प्रकार की शारीरिक दिक्कत के चलतें यह उसकी सबसे बड़ी ग़लती होती है। क्योंकि उसी के दम से यह परिवार हँसता रहा होता है।

● स्तन कैंसर होने के कारण –

कभी-कभी कुछ बीमारियां जिनेटिक व कुदरती होती है। फिर भी अधिकतर बीमारी हमारी लापरवाही का नतीज़ा होता है। स्तन कैंसर का प्रमाण पुरुषों में भी पाया जाता है। लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम है। और यह बीमारी होने के प्रमुख कारण यह है।

◆ 12-13 साल की उम्र से पीरियड्स होने लगें है।
[ यदि ऐसा है तो स्तनों में या आर्मपिट (बग़ल) में ज़रा भी कुछ तकलीफ दिखें तो चेकअप करवाएं ]

◆ 50 के बाद भी लगातार पीरियड्स शुरू रहते है।
[ स्तनों या आर्मपिट ( बग़ल) में ज़रा सी भी तकलीफ पर चेकअप करवाएं ]

◆ कभी-कभी महिलाएं अपना सेलफोन टेम्पररी या आदतन अपनी ब्रा में रखती है।
[ सेलफोन का रेडिएशन बेहद घातक होता है। यह एक करीबी और गंभीर कारण बन सकता है।]

◆ अनकम्फर्टेबल ब्रा। जिस ब्रा के कपड़े से कलर उतर रहा है। जिस ब्रा को एम्ब्रॉयडरी की हुई है। या तो वह आपकी साइज़ से ज्यादा टाइड है। या किसी अन्य तरीके से वह आपको कंफर्टेबल नहीं है।
[ जब तक आवश्यकता ना हों तब तक ब्रा पहने ही नहीं। अन्यथा रात को सोते वक़्त तो हरगिज़ नहीं ]

◆ 30 के बाद माँ बनना
[ औलाद का देर से होना कुदरती है। लेकिन ऐसे हालात हो तो! फिर 2-4 महीने पर चेकअप करवा लें। ब्रेस्ट चेकअप एक्सपेंसिव नहीं है। ]

◆ बच्चे को स्तनपान ना करवाना।
[ काफी औरतें ग़लतफहमी पालती है कि बच्चे को ज्यादा फीडिंग करवाने से उसका फिगर खराब हो जाएगा। हालांकि ऐसा नहीं है। कम से कम 2 साल तक बच्चे को फीडिंग करवाएं यह आपके और बच्चे दोनों के लिए सेहतमंद रहेगा।]

◆ सोने में कंफर्टेबल ना हो पाने के कारण सिर्फ एक ही स्तन से बच्चे को दूध पिलाना।
[ माँ बनने के बाद स्तनों में दूध का प्रवाह अधिकतर बढ़ता है। ऐसे हालत में वह दूध का निकाल नहीं होता तो अंदर की कोशिकाओं को डिस्टर्ब करता है। और यह भी एक कारण बनता है। ]

◆ बर्थ कंट्रोल पिल्स का उपयोग करना।
[ यह सिर्फ एक स्तन कैंसर को नहीं बल्कि अनेक प्रकार के कैंसर को न्योता देता है ]

◆ पीरियड्स को रोकने व डिले करने के लिए पिल्स खाना।
[ शादी-ब्याह या किसी पिकनिक जॉइन करने के लिए हम पिल्स लेते हैं। वह केवल स्तन कैंसर नहीं बल्कि अनेक रोगों को न्योता देती है ]

◆ स्तन पर किसी भी प्रकार की हानि होने के बाद वहां पर दर्द होना या खुजली का निरन्तर रहना। या किसी अन्य प्रकार की बेचैनी पर होना।

◆ एक कारण जेनेटिक भी हो सकता है। अपने परिवार के अतीत में किसी को यह तकलीफ थी। तो कहीं ना कहीं भविष्य में अपने बच्चों में यह तकलीफ के चांसिस ज्यादा रहते हैं।

◆ शराब और सिगरेट का सेवन करने वाली महिलाओं में यह प्रमुख कारण बनता है।

◆ हैवी वेइट महिलाओं में यह सबसे ज्यादा पाया जाता है। उनके ब्रेस्ट की साइज़ बड़ी होने के कारण उसमें हो रही गतिविधि आसानी से नहीं पता चलती। उसमें खुजली के अधिक होने पर चेकअप करवाए।

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण है! तो यह वहम नहीं डाल देना की तुम्हें स्तन कैंसर ही है। यह मात्र उसके प्रमुख कारण है। दूसरा यह कि स्तन कैंसर हो भी जाए तो हिंमत से काम लेकर उसे हराया जा सकता है। निरन्तर व्यायाम ही हर बीमारी का रामबाण इलाज है।

Source- Mogal Istiyak

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