गंगा उद्धव योजना के खिलाफ अभियान में पूर्ण रूप से मोकामा की जनता का साथ देंगे पप्पू यादव

पटना। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने गंगा उधव योजना के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में मोकामा की जनता का पूर्ण रूप से साथ देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को नालंदा एक राज्य बना कर उसका मुख्यमंत्री बनना चाहिए, बाकी बिहार को छोड़ दें क्योंकि बिहार में विकास उनसे नहीं होगा। वह सिर्फ लूटना जानते हैं और विकास के नाम पर, शिक्षा के नाम पर, शराबबंदी के नाम पर पूरे बिहार को लूटा है, और अब गंगा उद्धव योजना के नाम पर मोकामा वासी को लूट रहे हैं। हम मोकामा वासी के साथ हमेशा खड़े रहेंगे ।मोकामा टाल क्षेत्र में सरकार के द्वारा एक परियोजना की शुरुआत की जा रही है जिससे सम्बंधित क्षेत्र के लोगों में घोर संशय एवम डर का माहौल है। किम्वदन्ती के अनुसार इस परियोजना के तहद मराँची के पास से सीवरेज के माध्यम से गंगा का पानी 150 किलोमीटर से ज्यादा नालंदा जिला ले जाने की योजना है। इस योजना के विषय मे सरकार के किसी एजेंसी के द्वारा जनसम्पर्क या जागरूकता के तहद मानव संशय को खत्म नही किया गया है। लोगों का मानना है कि जिस क्षेत्र से यह पानी ले जाया जाएगा वह क्षेत्र पहले से ही जल जमाव ,बाढ़ प्रकोप से पीड़ित रहा है साथ ही साथ गर्मी में सुखा जैसी समस्याओं को भी झेलता है। इस समस्या के निदान के लिए सरकारी कारबाई के नाम पर जो भी कार्य हुए हैं वो नगण्य हैं। यहाँ पर उपस्थित जलजमाव जिससे लाखो एकड़ जमीन पर खेती नही हो पाती है ,के सुधार के लिए सरकार के पास नगण्य कार्यक्रम हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट से यहाँ की भूमंडलीय स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। आम जनमानस इसका विरोध कर् रहे हैं जिससे शांति भंग होने की संभावना है।

इस प्रोजेक्ट के तहद जिस जिले में यह पानी ले जाया जा रहा है वह खुद बाढ़ पीड़ित क्षेत्र है और वहां के जल संचयन हेतु भी सरकार ने ठोस कदम नही उठाए हैं। दूसरी बात इस प्रोजेक्ट को न्यायालय तक नही पहुचने देने के लिए इस प्रोजेक्ट का मूल मुद्दा पेयजल की उपलब्धि दर्शाया गया है और नाम गंगा उद्भव योजना ( गंगा के बचाव से सम्बंधित) रखा गया है। महाशय के संज्ञान में हो कि जहाँ पर यह प्रोजेक्ट तथा कथित फायदेमन्द होगा उस क्षेत्र में पेय जल की समस्या कभी नही रही है।

संशयित लोगों के हस्ताक्षर के साथ अन्य दस्तावेज संलग्न किया जा रहा है । माननीय न्यायपालिका से अनुरोध है कि आवश्यक जांच उपरांत तुरन्त इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाया कर् सरकार को पुनर्समीक्षा का आदेश दें।

रिपोर्ट – विक्रांत कुमार

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