गुलनाज के हत्यारों को सजा दिलवाने कौमी एकता मंच ने निकाला कैंडल मार्च।

कैमूर भभुआ शहर के नवाबी मुहल्ला से एकता चौक तक मीर शब्बीर आलम और बाबू खान के नेतृत्व में कौमी एकता मंच के बैनर तले बिहार के वैशाली की बेटी गुलनाज के साथ हुई दरिंदगी व निर्मम हत्या के खिलाफ शहर में कैंडल मार्च सह विरोध प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी जमील खान ने कहा कि भद्दी टिप्पणी और छेड़खानी का विरोध करने पर दो बदमाशों ने बड़ी बेरहमी से बीच सड़क पर गुलनाज पर मिट्टी तेल डाल कर उसकी जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी।सरकार ने दोषियों पर करवाई करने के बजाए मामले को दबा दिया।
ये घटना हथरस कांड से भी ज्यादा दिल दहला देने वाली है।नीतीश कुमार के सरकार में दरिंदगी राज अपने चरम सीमा पर है।सरकार जहां करवाई करने से बच रही है,वहीं विपक्ष आवाज़ उठाने से डर रहा है।इस घटना को हुए लगभग तीन सप्ताह हो गया है।पुलिस ने अभी तक कोई ठोस करवाई नहीं की है।सरकार का नारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,एक छलावा साबित हो रहा है।बेटियों को सबसे ज्यादा खतरा भाजपा शासित प्रदेशों में ही है।वहीं कौमी एकता मंच के प्रमुख शब्बीर आलम ने कहा कि इस देश में बेटियों को तब तक इंसाफ नहीं मिल सकता है,जब तक अपराधियों को बचाने के लिए धर्म और जाति देखी जाती रहेगी।देश के लोगों को जागने की जरूरत है और अपराधियों को किसी भी हाल में जाति और धर्म के चादर में नहीं छुपाना चाहिए। अपराधी चाहे कोई भी हो,उसको सजा दिलाने के लिए सर्व समाज को एकजुटता से आवाज़ उठाने की जरूरत है।सरकार से मांग करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए अन्यथा पूरे देश में आंदोलन चलाया जाएगा।साथ ही साथ उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को मदद स्वरूप एक करोड़ रुपया और घरवालों को सुरक्षा प्रदान किया जाए।

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