बिहार के “मैंगो मैन” अशोक चौधरी बनें प्लुरल्स सलाहकार परिषद में कृषि-हार्टिकल्चर के एडवाइजर

पटना । विश्वविख्यात जर्दालू आम की हरे-पीले-गुलाबी-बैंगनी और अलग-अलग आकार की सैकड़ों प्रजाति विकसित करने वाले भागलपुर, बिहार के “मैंगो मैन” अशोक चौधरी को ‘प्लुरल्स एडवाईजरी काउन्सिल’ में कृषि-हॉर्टिकल्चर डोमेन का एडवाइजर बनाया गया है. अनगिनत अवार्ड विजेता भागलपुर, बिहार के “मैंगो मैन” अशोक चौधरी को क़ृषि-हार्टिकल्चर डोमेन का एडवाइजर बनाये जाने की सूचना प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी ने ट्विटर पर देते हुए कहा कि “हम कृतज्ञ हैं कि आज आप हमारे ‘प्लुरल्स एडवाईजरी काउन्सिल’ में कृषि-हॉर्टिकल्चर डोमेन के एडवाइजर बन गए हैं. बिहार की शानदार उपजाऊ भूमि आम की वैज्ञानिक और व्यापक खेती के लिए कब से लालायित है. हर ज़िले, हर गाँव में आपकी ‘न्यूनतम क्षेत्र, अधिकतम पैदावार’ विधि को अपनाकर और 2020-30 में हर ज़िले के स्पेशल ईकोनॉमिक ज़ोन में प्रॉसेसिंग प्लांट डालकर हम आपके नेतृत्व में आम की एक ख़ास और कभी न देखी-सुनी गई अभूतपूर्व क्रांति लेकर आएँगे”.
पुष्पम प्रिया चौधरी बताती हैं कि प्लुरल्स के ‘प्रोड्यूस, इनोवेट, इनवेस्ट’ एजेंडे के तहत उनके फार्म पर गई थी. उन्होंने जिस तरह कम क्षेत्र में आम की बेहतरीन प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी विकसित किया है, आशा है बिहार में आम उत्पादन को नई दिशा देंगे.

कौन हैं मैंगो मैन — हर वर्ष देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा दूसरे राज्य के मुख्यमंत्रीयों को आम की सौगात भेजी जाती है वह आम अशोक चौधरी के नर्सरी की शान जर्दालू ही होती है. किसान श्री से सम्मानित भागलपुर के “मैंगो मैन” ने विश्व-प्रसिद्ध जर्दालू आम की अनगिनत प्रजातियाँ बनाने में महारत हासिल की है. भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड के तिलकपुर स्थित दस एकड़ में फैले नर्सरी में आम की नई- नई किस्म उगाने हेतु हमेशा अलग अलग तरह के प्रयोग करते रहते हैं. इनोवेशन के चैम्पियन अशोक चौधरी ने बताया कि फुलबॉल के आकार का आम भी जल्द बाजार में आ सकता है. इन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा के आम की प्रजाति इरविन और थाईलैंड की आम की प्रजाति को मिलाकर 2016 में आम की एक नई प्रजाति विकसित की. इस नई किस्म की आम में पहली बार 2020 में फल आए. कोरोना काल में इसमें आए फल के कारण इसका नाम लॉकडाउन रखा है जिसे उन्होंने कोरोना वारियर्स को समर्पित किया है.


प्लुरल्स का मानना है कि यदि नया बिहार बनाना है तो नीति निर्माण की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों से विषय विशेषज्ञों और प्रोफेशनल अनुभव प्राप्त लोगों को शामिल करना होगा. जिसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले नायकों को भी शामिल किया जाता है. मैंगो मैन अशोक चौधरी को प्लुरल्स सलाहकार परिषद में कृषि-हार्टिकल्चर के एडवाइजर बनाना इसी ‘प्रोड्यूस, इनोवेट, इनवेस्ट’ एजेंडे का हिस्सा है.

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