औरंगाबाद, ऑनलाइन राष्ट्रीय लोक अदालत में 247 वादों का किया गया निष्पादन, 2 करोड़ 2 लाख का हुआ सेटलमेंट

जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा ने लोक अदालत का किया निरीक्षण

औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में ऑनलाइन राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें कुल 247 वादों का निष्पादन किया गया और कुल 2 करोड़ 2 लाख का सेटलमेंट हुआ।

लोक अदालत का जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार औरंगाबाद शिव गोपाल मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत केे लिए गठित बेंच के समक्ष न्यायिक पदाधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिये।

वहीं प्राधिकार के सचिव सिद्धार्थ पांडेय स्वयं बनाये गये बेंचों पर लगातार निरीक्षण करते रहें। साथ ही उन्होंने कई वादों में ऑनलाइन रूप से पक्षकारों को वाद निष्पादन कराने हेतु काउंसलिंग किया एवं सुलह के आधार पर वादों का निष्पादन कराया। प्रबंध कार्यालय में आने वाले पक्षकारों की सहायता में हेल्प डेस्क पर नवरत्न कुमार ने न्यायालय में आये लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने में सहयोग किया।

इस ऑनलाइन राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कार्यालय से सुनील कुमार सिंह, परशुराम कुमार सिंह, संजय कुमार का सहयोग रहा। वहीं टेक्निकल सहयोग सुनील कुमार सिन्हा, अर्पणा सहाय का रहा एवं राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रबंध कार्यालय के रिटेनर अधिवक्ता अभिनन्दन कुमार का सहयोग प्रबंधन में रहा।

ऋण वाद से संबंधित 230 वाद में एक करोड़ 56 लाख का कराया गया समझौता

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना वाद से संबंधित बेंच पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में ऑनलाइन वादों का निष्पादन में कुल 7 मोटर दुर्घटना वाद का निष्पादन कराते हुए 46 लाख का क्लेम सेटल कराया गया।

अन्य बेंचों पर अमित कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संतोष कुमार अवर न्यायाधीश प्रथम, रविन्द्र कुमार अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं स्वर्ण प्रभात अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के नेतृत्व कुल 10 आपराधिक मामला सहित ऑनलाइन राष्ट्रीय लोक अदालत में आये पोस्ट-लिटिगेशन और प्री-लिटिगेशन वादों का निष्पादन किया गया।

इसमें राघवेन्द्र तिवारी अधिवक्ता, प्रदुम्न कुमार सिन्हा अधिवक्ता, लालमोहन सिंह अधिवक्ता, अजित कुमार सिंह अधिवक्ता एवं धर्मवीर सिंह अधिवक्ता ने सहयोग प्रदान किया।

वहीं बैंकों से जुड़े ऋण वाद से संबंधित कुल 230 वाद में 1 करोड़ 56 लाख रुपये समझौता कराया गया जिनमें दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक महत्वपूर्ण रूप से शामिल हुए।

बैंकों के ऋण मामलों को काउंसलिंग के जरिए प्राधिकार के सचिव ने काफी मामलों को पक्षकारों के बीच समझौते में आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

स्वराज भारत लाइव संवाददाता, धीरेन्द्र पाण्डेय औरंगाबाद

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