सार्वजनिक शौचालय निर्माण अधिकारी की अनदेखी घटिया सामग्री और सफेद बालू कर रहे हैं निर्माण

Supaul : प्रशासन की खास प्राथमिकताओं में शामिल सामुदायिक शौचालय निर्माण में भी मुखिया बाजीगरी से बाज नहीं आ रहे हैं। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। कोई भी अधिकारी शुद तक लेने नहीं पहुंचे पाते हैं। ताजा मामला जिले के त्रिवेणीगंज से आ रही है, जहां मानगंज पश्चिम पंचायत वार्ड नंबर 10 में 15 वां वित्त योजना से बन रहे सार्वजनिक शौचालय अधिकारियों का बंदरबांट योजना बन गया है, बता दें कि वार्ड नंबर 10 में बलराम सरदार के घर के निकट बन रहे सार्वजनिक शौचालय घटिया सामग्री और बिना बोर्ड लगाए । नवनिर्वाचित मुखिया दिनेश कुमार सरदार के द्वारा निर्माण किया जा रहा है,मजे की बात है कि बिहार में पूर्ण रूप से सफेद बालू प्रतिबंध होने के बावजूद मुखिया इस योजनाओं में धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं आखिर किसके आदेश से उजला बालू से निर्माण कर रहे हैं, अब तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। इतना ही नहीं सरकारी जमीन उप्लब्ध रहने के बावजूद भी सार्वजनिक शौचालय निजी जमीन पर बनाए जा रहे हैं सूत्र यह भी बताते हैं कि मुखिया मोटी रकम लेकर बलराम सरदार के निजी जमीनों में शौचालय निर्माण कर रहे हैं,इस मामले को लेकर जब हमने मुखिया दिनेश कुमार सरदार से पूछा मुखिया ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है, सफेद बालू मेरा नहीं है जबकि तस्वीर में साफ साफ दिखाई दे रहा है, लाल और सफेद बालू दोनों में मिलावट करके शौचालय निर्माण कर रहे हैं,इस बाबत जेई शम्स तबरेज से पूछा गया उन्होंने कहा छोड़ दीजिए परेशान मत करिए क्या लगे रहते है, जब उनसे पूछा गया कि कितना लागत के सार्वजनिक शौचालय निर्माण हो रहा है, इसी बातों पर शम्स तबरेज जवाब देने के बदले मौन धारण कर लिए, इससे साफ जाहिर होता है,जेई शम्स तबरेज के मिलीभगत से शौचालय घटिया सामग्री और सफेद बालू से निर्माण हो रहे हैं। इतना ही नहीं बनाए जा रहे हैं, सार्वजनिक शौचालय निर्माण की लागत राशि का बोर्ड तक भी नहीं लगा हुआ है, इस मामले को लेकर जब हमने पंचायती राज पदाधिकारी रूपेश कुमार राय से जानकारी लिया उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर मुझे जानकारी नहीं है, आप के माध्यम से अगर जानकारी मिल रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई हो पाती है, या फिर लीपापोती में लग जाते इस खबर के बाद आगे की खबर के लिए बने रहें।

रिपोर्ट : पप्पू आलम

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