सुपौल में हुई जुम्मे की नमाज:अलविदा जुमा पर रोजेदारों ने सजदे में झुकाया सिर, मांगी अमन-चैन की दुआ

Supaul : रहमत और बरकत के महीने रमजान के आखिरी जुमे पर त्रिवेणीगंज जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही हर तरफ लकदक लिबास में रोजेदार और गैर रोजेदार मस्जिदों की ओर बढ़ रहे थे। मस्जिदों में जिसे जहा जगह मिली, बैठ गया। नमाजी अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के लिए दिन के 12 बजे से ही मस्जिद पहुंच गए थे। करीब 12.15 बजे ही त्रिवेणीगंज जामा मस्जिद पूरी तरह से नमाजियों से भर गए। मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज पढ़कर समाज व मुल्क की सलामती के लिए दुआ मांगी गई, ऐ खुदा माह-ए-रमजान की इस बरकत से हमारे मुल्क को आबाद कर। हमारी मसाजिद और मदारिस की हिफाजत फरमा। हमारे मुल्क के दुश्मनों को नेस्तनाबूत कर दे। हमारे रोजा, नमाज, जकात, तरावीह, सदका-ए-फित्र को कबूल फरमा। अपने प्यारे नबी के सदके में हम मुसलमानों को नेक और ईमान के रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमा, आमीन। ऐ अल्लाह हमारे गुनाहों को माफ कर दें..यह कहते हुए सभी की आखे भर आयीं। खुदा के बारगाह में हाथ फैलाकर लोग फूट-फूटकर रोने लगे।रमजान की रुखसती को याद कर नमाजियों की आखें नम हो गई थी।मौलाना हाजी नजीम साहब ने जुमे की नमाज से पहले खेताब की। उन्होंने जुमे की फजीलत बया की। इसके बाद हजरत मोहम्मद सला. की जिंदगी और उन्होंने इस्लाम कायम करने के लिए कितनी तकलीफ उठायी, उसके बारे में भी बताया। उन पर पत्थर फेंके गए। फिर भी उन्होंने उफ तक नहीं किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि आपस में लड़ाई झगड़ने नहीं करनी चाहिए

रमज़ान-उल-मुबारक़ महीने का आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमा है।

आपको बता दे कि आखिरी जुमा ईद के ठीक पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। यह मुस्लिम समुदाय का बड़ा पर्व हैं जिसे वह बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। माना जाता है कि अलविदा नमाज के समय जो भी दुआ मांगो वह पूरी होती है। अगर चांद 1 मई को दिखा तो देशभर में 2 मई को ईद मनाई जाएगी, नहीं तो फिर 3 मई को ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। अलविदा जुमा का मतलब होता है कि जुमा को अलविदा कहना। रमज़ान माह में चार जुमा यानी चार शुक्रवार पड़ते हैं जिसमें से आखिरी जुमे को अलविदा जुमा के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह से अपने या परिवार सहित मुल्क के लिए खास दुआ मांगते हैं। इसके साथ ही ईद मनाने की तैयारी जोरों-शोरों से शुरू हो जाती है। नमाज में बिजली एसडीओ रिजवान अहमद, जदयू प्रखंड अध्यक्ष कमाल खान, इश्तियाक अहमद, मोहम्मद महबूब आलम, मोहम्मद जहांगीर आलम, रजी अहमद, मास्टर अशफाक आलम,मोहम्मद खुर्शीद आलम, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद जावेद आलम सहित हजारों की संख्या में नमाजियों शरीक हुए।

रिपोर्ट : पप्पू आलम

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