बिहार में हर चुनाव में होता है खूनी खेल,एक साल में 1274 लोगों की हत्या

Bihar Panchayat Chunav 2021 : बिहार में पंचायत चुनाव आते ही फिर अदावत होने लगी है। चुनाव चाहे कोई भी हो टकराव का खतरा बना रहता है। 2020 में कोरोना काल के बाद विधानसभा चुनाव में 16 लोगों को राजनीतिक कारणों से मौत की नींद सुला दिया गया, जबकि 2020 में ही एक साल में 1274 लोगों की विवाद में हत्या कर दी गई। ऐसे ही टकराव में 7 लोगों की जान ले ली गई। चुनाव पंचायत का हो या लोकसभा या विधानसभा का, खूनी खेल को लेकर पुलिस अलर्ट हो जाती है। इस बार पंचायत चुनाव में भी पुलिस अलर्ट मोड पर है और गांवों में चुनावी रंजिश की पड़ताल कराई जा रही है।

वर्ष 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक रंजिश में 16 लोगों की हत्या हुई है। यह घटनाएं विधानसभा चुनाव के दो माह पूर्व और एक माह बाद हुई है। नेशन क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो NCRB के आंकड़े बताते हैं कि 2020 में राजनीतिक अदावत में 16 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही टकराव में 7 लोगों की जान गई है। 2020 में विवाद में 1274 लोगों की हत्या हुई है। पुलिस राजनीतिक कारणों से हाे रही घटनाओं को लेकर काफी अलर्ट है और यही कारण है कि पंचायत चुनाव 2021 में पंचायत स्तर पर पुलिस को खुफिया तौर पर लगाया गया है।

पंचायत चुनाव से लेकर अन्य चुनाव में 5 साल से चल रहा विवाद चुनाव के दौरान काफी गंभीर हो जाता है। अदावत बढ़ जाती है तो हत्या का दौर शुरु हो जाता है। 2020 में कोरोना काल के कारण विधानसभा चुनाव में घटनाएं थोड़ी कम हुई लेकिन पंचायत चुनाव में खतरा बढ़ गया है। पुलिस के एक्सपर्ट बताते हैं कि विधानसभा चुनाव के दौरान कोरोना का खतरा था इस कारण से इस बार 2020 में राजनीतिक घटनाएं हुई हैं। पुलिस का कहना है कि घटना पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस काफी अलर्ट रही है।

पंचायत चुनाव में खूनी रंजिश का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि गांव की राजनीति में विवाद अधिक होता है। छोटी छोटी बातों को लेकर भी लाठियां चल जाती है। हत्या का खतरा तो रहता ही है, पंचायत चुनाव में सबसे अधिक मारपीट के साथ खूनी संघर्ष का खतरा होता है। पुलिस मुख्यालय से जुड़े अफसरों की मानें तो खूनी संघर्ष रोकने को लेकर पुलिस को विशेष निर्देश दिया गया है। बिहार की सभी पंचायतों में खुफिया ताैर पर पुलिस को आदेश दिया गया है कि वह पड़ताल कर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करे जो राजनीतिक अदावत में संदिग्ध हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है जो पूर्व चुनाव में संदिग्ध रहे हैं। पुलिस सूची के हिसाब से ऐसे लोगों को पाबंद करने के साथ जिला व पंचायत से बाहर करने में लगी है। संदिग्ध लोगों जिनसे अपराध का भय है उन्हें जेल भेजा जा रहा है। डीजीपी एसके सिंघल ने बिहार पुलिस को अलर्ट किया है। पंचायत चुनाव में सुरक्षा को लेकर सभी जिलों के एसपी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कहा गया है कि सुरक्षा को लेकर पंचायत स्तर पर संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए।

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