बिहार में दलितों को नही मिलता इंसाफ़, सरकार से उठ गया विश्वास?

Dalits do not get justice in Bihar, lost faith in government?

गया । बोधगया में स्वर्गीय पूर्व सांसद राजेश कुमार की 16 वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही हैं । बोधगया के वर्तमान विधायक कुमार सर्वजीत के पिता स्वर्गीय राजेश कुमार की हत्या इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान कर दी गई थी । उसके बाद से पूर्व सांसद राजेश कुमार की हत्यारे की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई से जांच करने की मांग उठाई गई थी । लेकिन आज तक जांच नहीं हुआ । जांच की मांग पूर्व सांसद जीतन राम मांझी , स्वर्गीय केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और वर्तमान विधायक कुमार सर्वजीत सहित अन्य कई नेताओं ने उठाया लेकिन आज तक इंसाफ नहीं मिला । कुमार सर्वजीत ने कहा कि बिहार में दलितों को नहीं इंसाफ मिल रही हैं । कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भी राजेश कुमार के हत्या करने वाले हत्यारों को पुलिस आज तक नहीं तलाश कर पाई । आखिर हत्या करने वाले हत्यारा कौन हैं । नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए विधायक ने कहा कि नीतीश जी की सरकार में खासकर दलितों को इंसाफ मिलने की कोई उम्मीद नहीं हैं । कई लोगों की हत्याएं हुई है बिहार में सीबीआई जांच भी हुआ लेकिन दलित नेता की हत्या के बाद आज तक सीबीआई जांच या किसी भी जांच कमिटी के द्वारा होता तो शायद स्पष्ट होता कि हत्यारा कौन है उसे सजा मिलने । शोकाकुल परिवार ने गया जिला के सभी प्रखंडों में पुण्यतिथि मनाई जाती है । और कई चेहरा राजनीति दल, कई समाजसेवी , बुद्धिजीवी इस पुण्यतिथि में पहुंचते हैं । सर्व धर्म संगम की प्रार्थना कर शांति सद्भाव और आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा की जाती है। इस पुण्यतिथि में जिला के दूरदराज से लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । इसमें विभिन्न दल के विधायक भी गया जिला के शामिल हुये और राजेश कुमार के गुणों की चर्चा किया । लोगों ने यह कहा कि सहीद राजेश कुमार जैसे सांसद गया जिला में अब तक कोई नहीं हुआ । चुनाव जीतने के बाद और हारने के बाद भी अधिकारी उनके बात सुनते थे । गरीबों के लिए काम होता था गरीबों की आवाज में स्वर्गीय पूर्व सांसद राजेश कुमार अमर शहीद हो गए । गया वासियों के लिए गर्व की बात है कि राजेश कुमार जैसे उच्च विचार नेता को किसी ने हत्या कर दी । बहुत बड़ी दु: खद है कि आज तक नहीं इंसाफ़ मिला । बिहार में इंसाफ कब मिलेगा । यह अपने आप में एक बड़ी शवाल उठता हैं।

रिपोर्ट – धीरज गुप्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0Shares
0