पटना के ऑक्सीजन अस्पताल में भारी हंगामा, प्रबंधन पर मरीज की जान से खिलवाड़ का आरोप

पटना के ऑक्सीजन अस्पताल में भारी हंगामा, प्रबंधन पर मरीज की जान से खिलवाड़ का आरोप

Patna : बिहार का स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना संकट में खुद वेंटिलेटर पर चला गया है। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत की व्यवस्था-निगरानी की पूरी तरह से पोल खुल गई है। अब तो ऐसा लगता है कि संकट की इस घड़ी में माफियाओं और निजी अस्पताल प्रबंधकों से अधिकारियों की मिलीभगत है।अगर ऐसा नहीं होता तो फिर तमाम दावों के विपरीत रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी कैसे हो रही। निजी अस्पतालों की मनमानी भी चरम पर है। ऑक्सीजन कमी का बहाना बना निजी हॉस्पिटल मरीजों से दोहन-शोषण कर रहे। कई ऐसे अस्पताल हैं जो बिना मंजूरी के ही कोरोना मरीजों को भर्ती ले रहे हैं। इसकी शिकायत पर पटना जिला प्रशासन की टीम ने पटना के ऑक्सीजन हॉस्पिटल में छापेमारी की।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पटना के कंकड़बाग स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों ने काफी हंगामा किया। लोग अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों से शोषण करने और जबरन हॉस्पिटल से ले जाने का दबाव बनाने का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। इसके बाद पटना जिला प्रशासन की टीम ने छापेमारी की। मजिस्ट्रेट और बड़ी संख्या में पुलिस अस्पताल पहुंची और कागजातों की जांच की। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वे कोरोना मरीजों का इलाज नहीं कर रहे। बाढ़ के एक मरीज के परिजन की शिकायत पर जिला प्रशासन की जांच टीम पहुंची थी। जांच टीम ने कागजातों की जांच की लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

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