डब्ल्यूएचओ की चेतावनी ! कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट वायरस ऑफ कंसर्न ने दक्षिण अफ्रीका में मचाई तबाही

SBL DESK : वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ( WHO ) की सलाहकार समिति ने दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट को बेहद संक्रामक और चिंताजनक प्रकार करार दिया है। इसे ओमीक्रान नाम दिया गया है। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों में निगरानी बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और टीकाकरण कवरेज बढ़ाने की सलाह दी है। वैश्विक स्वास्थ्य निकाय ने उत्सवों और समारोहों में सभी एहतियाती उपाय अपनाने के साथ ही भीड़ और बड़ी सभाओं से बचने को कहा है।दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डा . पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि इस वैरिएंट को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। भले ही दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकांश देशों में COVID-19 मामलों में गिरावट आ रही है लेकिन दुनिया के दूसरे हिस्‍से में वैरिएंट आफ कंसर्न के नए वायरस का मिलना जोखिम का एहसास कराता है। कोरोना को हराने को लेकर हमें अपना काम जारी रखने की आवश्यकता है। वायरस से बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है।उन्होंने कहा कि देशों को सतर्कता और निगरानी बढ़ाना चाहिए और फैल रहे वैरिएंट के बारे में ताजा जानकारी के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के माध्यम से आने वाले जोखिम का आकलन करना चाहिए। साथ ही इससे बचाव के हर संभव कदम उठाना चाहिए। यही नहीं संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक उपायों को जारी रखना चाहिए। सबसे पहले सुरक्षात्मक उपायों को लागू किया जाए। डा. खेत्रपाल ने कहा कि आने वाले समय में वायरस में और बदलाव होंगे। यह महामारी अधिक समय तक चलेगी।

वायरस आफ कंसर्न

मालूम हो कि भारत समेत विश्व के कई देशों में भीषण तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक बताए जाने वाले इस नए वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ की सलाहकार समिति की शुक्रवार को बैठक हुई। संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी डब्ल्यूएचओ ने इसे ‘वायरस आफ कंसर्न’ के रूप में वर्गीकृत किया है। इस श्रेणी के वायरस को अत्यधिक संक्रामक माना जाता है। डेल्टा वैरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था।

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