कोविड टीकाकरण में गति लाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला कम्युनिकेशन टास्क फोर्स की हुई बैठक

कोविड टीकाकरण में गति लाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला कम्युनिकेशन टास्क फोर्स की हुई बैठक

हाजीपुर । वैशाली जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में कोविड टीकाकरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने के उद्येश्य से समाहरणालय के सभागार में शनिवार को जिला कॉम्यूनिकेशन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस टास्क फोर्स का मुख्य मकसद जिले में कोविड टीकाकरण की गति को बढ़ाना है,वहीं टीकाकरण के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों की जानकारी प्राप्त कर उनका निदान भी करना है और टीकाकरण के कार्य में गति लायी जाय इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एक गांव के एक वार्ड को गोद लें और वहां पर टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित कर उनका टीकाकरण करवाएं। यह प्रक्रिया तब तक दुहरायी जाय जब तक जिले में शत- प्रतिशत कोविड टीके का आच्छादन न हो जाए तथा किसी भी तरह की समस्या होने पर उसका आंकलन कर निदान किया जाय। बैठक के दौरान यह भी कहा कि अब प्रतिदिन संध्याकालीन बैठक में विडियो,सीओ, एमओआईसी, सीडीपीओ,एमओ,बीइओआदि शामिल होकर कोविड टीकाकरण से संबंधित प्रगति की समीक्षा एवं टीकाकरण में कैसे तेजी आये इस पर निर्णय लेंगे।
बैठक के दौरान केयर के डीटीएल सुमित कुमार ने पावर प्वाइंट के माध्यम से वहां मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों को समाज में टीकाकरण के प्रति सोच और भावना से भी अवगत कराया। उदाहरण स्वरूप जिसमें एक बार कोरोना हो गया तो टीकाकरण कराने की जरुरत, टीका की सुरक्षा, टीकाकरण के दोनों डोज के बीच लंबे समय और टीकाकरण के बाद कोविड अनुरुप पालन के प्रति समाज में फैली सोच और भावना की को सामने रखा। सुमित कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार के टीके के लिए हल्के बुखार, इंजेक्शन की जगह पर दर्द, शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह प्रभाव या तो स्वत: खत्म हो जाते हैं या लक्षण आधारित दवाओं के सेवन से यह तुरंत ही खत्म हो जाते हैं।


बैठक के दौरान जिलाधिकारी, उदिता सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा कि कोविड टीकाकरण के प्रति लोगों को अधिक -से -अधिक जागरूक और इसका व्यापक तौर पर प्रचार- प्रसार करने तथा कोविड चैंपियन की स्टोरी करने की जरूरत है। टीकाकरण के प्रति फैले अफवाहों पर लोगों को सचेत करें जिससे समाज में टीकाकरण के प्रति लोगों का विश्वास और कोविड के अनुरुप सही जानकारी मिल सके।


बैठक के दौरान विभिन्न पदाधिकारियों और बैठक में शामिल लोगों के द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष अलग-अलग सुझाव भी आए जिसमें पोस्ट कोविड से संबंधित तथा टीकाकरण सत्र पर ही टीका के बाद के लक्षण के बारे में बतलाने की बातें कही गयी। बैठक में आइएमए के हाजीपुर के सचिव डॉ मधुसुदन ने कोविड वैक्सीन के तकनीकी पक्ष को उजागर करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है। यूनिसेफ की मधुमिता ने कहा कि आशा और सेविका के द्वारा वैक्सीनेशन वार्ड क्षेत्र में लोगों को मोबिलाइज किया जा सकता है। डब्लूएचओ की डॉ श्वेता राय ने कहा कि गांव के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के द्वारा टीकाकरण से संबंधित जागरूकता किया जा सकता है। डीएचएस के डीपीएम मणिभूषण झा ने सुझाव दिया कि 18 से अधिक वय के वैसे युवा जो किसी भी 45 से अधिक वय के व्यक्ति को प्रेरित कर वैक्सीन के लिए लाता है तो उसे ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन कर टीकाकृत किया जाएगा।


अंजुमन फ़लाहुल मुस्लिमीन के नेयाज अहमद कासमी ने कहा कि प्रत्येक जुम्मे की नमाज में मस्जिदों के इमाम साहब द्वारा नमाज़ी लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा जिससे टीकाकरण में गति मिलेगी।


शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा टीकाकरण शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोविड टीकाकरण के लिए अलग टीका एक्सप्रेस चलायी जा रही है। शहरी क्षेत्र में टीकाकरण सत्र से एक दिन पहले वहां माइकिंग के द्वारा पहले ही लोगों को मोबलाइज किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर एक बीडीओ की अध्यक्षता में बैठक होगी जो टीकाकरण के दो या तीन दिन पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में पीआरआइ मेंबर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक, जीविका और आशा के द्वारा लोगों को मोबलाईज करेगी। टीकाकरण के बाद लोगों के स्वास्थ्य को फॉलो-अप भी किया जाएग। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी,सभी प्रखंड के वरीय प्रभारी पदधिकारी, डीपीओ, आईसीडीएस, डीपीआरओ प्रशांत, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, नेयाज अहमद कासमी, ग्रामीण चिकित्सक के सचिव सहित केयर इंडिया से सुमित कुमार, यूनिसेफ से मधुमिता, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि सहित धर्मगुरु भी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0Shares
0