आजादी 75 वर्ष के अवसर पर अमृत महोत्सव अन्तर्गत संतुलित उर्वरकों के व्यवहार पर प्रषिक्षण का आयोजन किया गया

Gaya : गया में संयुक्त निदेशक, शष्य मगध प्रमण्डल ने किया अध्यक्षता में किसानों को वितरित किये गये वृक्ष,बाजार समिति परिसर में वृक्षारोपण किया गया है भारत सरकार इस वर्ष देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अमृत महोत्सव का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में कानपुर फर्टिलाईजर्स एण्ड केमिकल्स लिमिटेड द्वारा बाजार समिति परिसर गया स्थित संयुक्त कृषि भवन के सभाकक्ष में एक किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया है।इस कार्यक्रम का उद्घाटन रतन कुमार भगत, संयुक्त निदेषक, शष्य, मगध प्रमण्डल ने दीप प्रज्जवलित कर किया गया है। उनके साथ उप निदेशक, शष्य सामान्य, मगध प्रमण्डल, महेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, गया सुदामा महतो, कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के वैज्ञानिक डा॰ जाकिर हुसैन, जिला परामर्षी सुदामा सिंह भी कार्यक्रम में भाग लिये। कानपुर फर्टिलाईजर के क्षेत्रीय प्रमुख बिहार, डा॰ अरुण कुमार शर्मा एवं ऐरिया मैनेजर, गया राजीव सिंह चैहान ने कार्यक्रम का आयोजन कराया है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में संयुक्त निदेषक ने कहा कि भारत को 250 वर्षो से अधिक समय तक अंग्रेजों की गुलामी झेलने के बाद सन 1947 में आजादी प्राप्त हुई है। आजादी के समय भारत की जनसंख्या लगभग 30 करोड़ थी और भारत में अन्न का उत्पादन इतना नहीं था की वो अपनी समस्त आबादी को भरपेट भोजन करा सके। भारत उर्वरकों के लिये विदेषों पर आश्रित था। आज हम लोग किसानों के मेहनत और वैज्ञानिकों के शोध के कारण अन्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्म निर्भर हो गये हैं और बहुत से कृषि उत्पादों का निर्यात भी कर रहे हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी, गया सुदामा महतो ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित व्यवहार की सलाह दिया। उन्होने कहा कि किसान अपने खेत की मिट्टी की जाॅच हर दो वर्ष पर अवष्य करायें और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में बतायी गई मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का व्यवहार करें। इससे मिट्टी स्वस्थ बनी रहेगी और खेती की लागत भी घटेगी और उपज की गुणवत्ता बढे़गी।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा॰ जाकिर हुसैन ने विभिन्न फसलों के लिये उर्वरकों की अनुषंसा की जानकारी दिया और उनके व्यवहार का तरीका बताया। उन्होने किसानों को जैव उर्वरक और हरी खाद के प्रयोग के तरीको के बारे में भी बताया है। इस कार्यक्रम के अन्त में सभी किसानों को सागवान का वृक्ष भेंट में दिया गया और पदाधिकारियों ने संयुक्त कृषि भवन परिसर मे अषोक का वृक्ष लगाया।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता

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